पंचकूला , अगस्त 06 -- हरियाणा पुलिस ने सोशल नेटवर्किंग ऐप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल, लूटपाट और रंगदारी वसूलने वाले कथित 'हनी ट्रैप' गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में छीने गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना आजाद नगर पुलिस ने यह सफलता हासिल की।

प्रवक्ता के अनुसार, राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी काशीराम ने शिकायत दी थी कि सोशल नेटवर्किंग ऐप के जरिए संपर्क होने के बाद उसे हिसार के चौधरीवास गौशाला मोड़ के पास मिलने के लिए बुलाया गया। वहां एक आरोपी उसे सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट कर मोबाइल फोन, नकदी और मोटरसाइकिल की चाबी छीन ली।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित की अश्लील वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। घटना के बाद भी आरोपी लगातार फोन कर धमकियां देकर पैसे की मांग करते रहे।

जांच के दौरान उप निरीक्षक सुभाष चंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभय, मांगे राम उर्फ कक्कर और राहुल उर्फ बच्ची को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में छीने गए तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एक अन्य मामले में पुलिस के प्रवक्ता ने जिलेवासियों से स्क्रीन शेयर और रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर, बिजली विभाग, बीमा कंपनी, निवेश सलाहकार, ई-कॉमर्स कंपनी या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से एनीडेस्क, टीम व्यूवर, एयरड्राइड, क्विकस्पोर्ट, रस्टडेस्क और जोहो एसिस्ट जैसे ऐप डाउनलोड करवा लेते हैं। इन ऐप के जरिए ठग मोबाइल की स्क्रीन देख सकते हैं और कई मामलों में मोबाइल को दूर से नियंत्रित कर बैंकिंग ऐप, यूपीआई, ओटीपी और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें, किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या फिर ऑनलाइन शिकायत करें।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने लोगों से सोशल नेटवर्किंग और डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करते समय विशेष सतर्कता बरतने, अनजान लोगों से सुनसान स्थानों पर मिलने से बचने और किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, रंगदारी या साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

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