पंचकूला , अगस्त 02 -- हरियाणा सरकार की 'नशा मुक्त हरियाणा' मुहिम में अब प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स नशा तस्करों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बनकर उभरे हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में स्निफर डॉग्स की मदद से 48 एनडीपीएस मामलों का खुलासा हुआ और हेरोइन (चिट्टा), स्मैक, गांजा, चरस, अफीम, डोडा पोस्त, चूरा पोस्त सहित बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि नशा तस्करी युवाओं के भविष्य और समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर हरियाणा पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचनाओं और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स के संयोजन से पुलिस अब नशा तस्करों के नेटवर्क तक तेजी से पहुंच रही है।
इस अभियान में बोल्ट (एचके-132) सबसे सफल स्निफर डॉग साबित हुआ, जिसने 15 एनडीपीएस मामलों में पुलिस को सफलता दिलाई। रैम्बो (एचके-133) ने 14 मामलों में अहम भूमिका निभाई और उसकी मदद से 5 क्विंटल 50 किलो 300 ग्राम डोडा पोस्त की सबसे बड़ी बरामदगी हुई। वहीं रोमियो (एचके-131) ने 12 मामलों में चिट्टा, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड की मदद से वाहन, मकान, गोदाम और खेतों में बेहद चालाकी से छिपाए गए मादक पदार्थों का भी सटीक पता लगाया जा रहा है। कई मामलों में इनकी सहायता से नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता मिली है।
छह माह के दौरान आदमपुर से पांच क्विंटल 50 किलो 300 ग्राम डोडा पोस्त, फतेहाबाद से 10.160 किलोग्राम डोडा पोस्त, फरीदाबाद से 6.56 किलोग्राम गांजा, 105.08 ग्राम चरस सहित कई बड़ी खेप बरामद की गई। इन अभियानों में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा (डबवाली), गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र, हिसार जीआरपी और एचएसएनसीबी की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित