पंचकूला , अगस्त 09 -- उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का एक और दौर जोर पकड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10, 11 तथा 13 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पंजाब में 9, 10 और 13 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी राहत तत्काल मिलने के संकेत नहीं हैं और राज्य में 12 से 15 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, नई दिल्ली की ओर से 9 अगस्त को शाम 4.45 बजे जारी चेतावनी में उत्तर-पश्चिम भारत के लिए 15 अगस्त तक का पूर्वानुमान दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
आईएमडी के मुताबिक, 11 अगस्त को बारिश की तीव्रता बढ़कर भारी से बहुत भारी हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का भी पूर्वानुमान है।
इसके बाद 12 और 13 अगस्त को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 14 और 15 अगस्त को यहां गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके बाद 11 से 15 अगस्त तक भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश तथा गरज-चमक का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
आईएमडी के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 9 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 12 और 13 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक की संभावना है, जबकि 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10, 13 और 14 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9, 10, 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
आईएमडी के 9 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे के मौसम विश्लेषण के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मानसून की द्रोणिका बीकानेर, ग्वालियर, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बने कम दबाव क्षेत्र के केंद्र तथा पुरी से होकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 11 अगस्त के आसपास उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट पर नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
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