चंडीगढ़ , अप्रैल 17 -- हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर आशीष कुमार घोष ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए महान शिक्षाविद और दार्शनिक के योगदान को याद किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. राधाकृष्णन न केवल एक उत्कृष्ट दार्शनिक थे, बल्कि वह एक आदर्श शिक्षक और दूरदर्शी राष्ट्रनेता भी थे। उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और उसे नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। उनके विचारों और सिद्धांतों ने देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी है।
उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन सादगी, ज्ञान और सेवा का प्रतीक रहा है। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने छात्रों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और ज्ञान के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का कार्य किया। यही कारण है कि उनके जन्मदिवस को पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में डॉ. राधाकृष्णन के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी सोच आज भी हमें प्रेरित करती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी, सहायक लोकपाल धीरज कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और सभी ने महान विभूति को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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