चंडीगढ़ , फरवरी 24 -- पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में हाल ही में जारी स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट ने राज्य सरकार के दावों की पोल खोल दी है और गुरुग्राम तथा फरीदाबाद जैसे शहर जो प्रदेश के राजस्व में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं, स्वच्छता के मामले में कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल पाये गये हैं।

सुश्री सैलजा ने एक बयान में कहा कि 10 में से मात्र 4.5 अंक मिलना इस बात का संकेत है कि शहरी विकास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गयी। उन्होंने कहा कि कई नगर निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। निरीक्षण, मॉनिटरिंग और कचरा प्रबंधन से जुड़े पद खाली होने से व्यवस्थाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है। डबवाली और सिरसा सहित कई शहरों की स्थिति चिंताजनक बतायी गयी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बाजारों, गलियों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे हैं। निजी कंपनियों को ठेके देने के बाद भी डोर-टू-डोर कलेक्शन, कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण प्रभावी नहीं है।

सुश्री सैलजा ने मांग की कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाये, कचरा प्रबंधन की निष्पक्ष समीक्षा हो और व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाये, ताकि हरियाणा के शहर स्वच्छ बन सकें।

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