चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- हरियाणा सरकार ने धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मार्केट कमेटियों के सचिवों को निर्देश दिए हैं कि 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकृत जिन किसानों की फसल का सत्यापन नहीं हो पाया है, उनका राजस्व विभाग से समन्वय कर तुरंत सत्यापन करवाया जाए। इससे मंडियों में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को परेशानी नहीं होगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, 21 अक्टूबर तक प्रदेश की मंडियों में 30.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जबकि 24.93 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई है। खरीफ खरीद सीजन 29 सितंबर को शुरू हुआ था। केंद्र सरकार ने धान खरीद के लिए 58 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में इस वर्ष 60.67 लाख मीट्रिक टन नॉन-बासमती धान उत्पादन का अनुमान है।
खरीदे गए धान में से 17.54 लाख मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 13.60 लाख मीट्रिक टन, हैफेड ने 7.63 लाख मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 3.70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
एमएसपी के तहत लगभग 14 लाख मीट्रिक टन धान का भुगतान करते हुए 3,447 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजे गए हैं। मंडियों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक सचिवों को खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान की आवक रोकने के लिए पुलिस को नाके लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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