चंडीगढ़ , जून 19 -- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा की प्राचीन सांग संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
बेदी भिवानी के उमरावत गांव स्थित सूर्य कवि दादा लख्मीचंद आश्रम में हरियाणा कला परिषद और 'म्हारी संस्कृति-म्हारा स्वाभिमान' के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया तथा 'सेठ ताराचंद' सांग का मंचन भी हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार हरियाणा कला परिषद के माध्यम से लोक कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे उनकी प्रतिभा को नया मंच मिला है। दादा लख्मीचंद की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ियां आगे बढ़ा रही हैं, जबकि रागनी, सांग और लोकगीत हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं।
एसआईआर पर पूछे गए सवाल के जवाब में बेदी ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। इसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मृत, स्थानांतरित या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम जोड़ना आवश्यक है। इससे मतदाता सूची अधिक सटीक और लोकतंत्र मजबूत होगा।
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