चंडीगढ़ , अगस्त 03 -- हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना में तेजी से प्रगति हो रही है। पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लिंक शुरू होने के साथ ही परियोजना को गति मिली है, जबकि दोहरी सुरंग की 67 प्रतिशत खुदाई पूरी हो चुकी है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक में परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जून 2025 में शुरू हुई 6.92 किलोमीटर लंबी पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लाइन परियोजना का पहला परिचालन खंड है। इस रेल लिंक पर 31 मार्च 2026 तक 745 रेक तथा चालू वित्तीय वर्ष में 31 जुलाई तक 560 अतिरिक्त रेक का संचालन किया जा चुका है, जिससे इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।
अधिकारियों ने बताया कि 126 किलोमीटर लंबे ब्रॉड गेज डबल लाइन कॉरिडोर के शेष हिस्सों पर निर्माण कार्य जारी है। एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह के अनुसार, 2 गुणा 4.7 किलोमीटर लंबी दोहरी सुरंग की खुदाई 10 दिशाओं से की जा रही है और अब तक 4,800 मीटर कार्य पूरा हो चुका है, जो कुल का 67 प्रतिशत है। इसके अलावा वेंटिलेशन शाफ्ट, यूटिलिटी शाफ्ट, एनएटीएम और कट-एंड-कवर सुरंग खंडों पर भी तेजी से काम चल रहा है।
भूमि अधिग्रहण के तहत 2,287.55 करोड़ रुपये के कुल मुआवजे में से 2,038.37 करोड़ रुपये (89.1 प्रतिशत) वितरित किए जा चुके हैं। कई जिलों में मूल पुरस्कारों का 95 प्रतिशत से अधिक मुआवजा भी जारी किया जा चुका है। बैठक में 11,709 करोड़ रुपये की संशोधित परियोजना लागत की भी समीक्षा की गई। परियोजना के लिए प्रथम चरण की वन एवं अरावली मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।
श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर राज्य की एक परिवर्तनकारी परियोजना है, जिससे रेल संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा औद्योगिक विकास तेज होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने हाल ही में शुरू हुए कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक के लिए एचआरआईडीसी की सराहना करते हुए सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ शेष कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित