चंडीगढ़ , मई 15 -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि एनीमिया के खिलाफ अभियान में प्रदेश अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य ने ''एनीमिया मुक्त भारत'' स्कोरकार्ड 2025-26 में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि एनीमिया को कम करने के प्रति हरियाणा की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा ने 86.5 के एएमबी इंडेक्स के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। वर्ष 2024-25 में राज्य पांचवें स्थान पर था, जबकि इस वर्ष रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सफलता बहुआयामी रणनीति का परिणाम है। एनीमिया उन्मूलन माह के दौरान विशेष अभियान चलाए गए। साथ ही 100 दिवसीय एनीमिया नियंत्रण अभियान और राज्य द्वारा विकसित एनीमिया ट्रैकिंग वेब एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा प्रबंधन को भी मजबूत किया गया।

उन्होंने बताया कि एएमबी स्कोरकार्ड भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। इसमें पांच प्रमुख श्रेणियों में आयरन एवं फोलिक एसिड (आईएफए) सप्लीमेंटेशन की कवरेज को मापा जाता है, जिनमें 6 से 59 माह तक के बच्चे, 5 से 9 वर्ष तक के स्कूली बच्चे, 10 से 19 वर्ष तक के किशोर, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं शामिल हैं।

सुश्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिन्होंने वर्षों से 5 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बीच लगभग 95 प्रतिशत की उच्च कवरेज लगातार बनाए रखी है। स्तनपान कराने वाली माताओं के बीच आईएफए कवरेज भी 2024-25 के 72.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 72.8 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का एएमबी इंडेक्स 86.5 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 65.4 है, जिसके चलते राज्य देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल हुआ है।

हरियाणा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने कहा कि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें, आईएफए दवाओं की अंतिम छोर तक उपलब्धता सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य, आईसीडीएस और शिक्षा विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी और जागरूकता अभियानों ने भी एनीमिया रोकथाम के प्रयासों को मजबूत किया है। डॉ. ढिल्लों ने कहा कि हरियाणा का प्रदर्शन देश में एनीमिया के खिलाफ लड़ाई में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है और यह अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

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