अमरोहा , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत अमरोहा जिले को हरिद्वार और प्रयागराज से सीधी सड़क संपर्क सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। परियोजना के तहत मंडी धनौरा तहसील के 34 गांव एक्सप्रेस-वे के दायरे में आएंगे। इसके लिए प्रशासन ने भूमि सत्यापन और अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी ला दी है।
प्रशासनिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का प्रवेश बिंदु अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील के मंगरौला क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां से यह मार्ग आगे हरिद्वार की ओर जुड़ेगा। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भूमि अधिग्रहण संबंधी मामलों के पारदर्शी एवं त्वरित निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित गांवों की गाटा संख्या, अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल तथा प्रभावित किसानों के निजी ट्यूबवेल, तालाब, सरकारी नलकूप और अन्य परिसंपत्तियों का विवरण तैयार कर लिया है। मौके पर उपलब्ध परिसंपत्तियों के सत्यापन के लिए संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्यापन रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत मंडी धनौरा तहसील के अटाली, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना असगर अली खां, जलालपुर कला, झनकपुरी, बरतौरा माफी, बस्तौरा, शेखुपुरा शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नगलिया बहादुरपुर, वैहरमपुर भूड़, अफजलपुर लूट, मोहम्मदी, हाशमपुर भूड़, कौराला, होशंगपुर गूजर उर्फ कटपुरा, चक कुआंखेड़ा, कुआंखेड़ा, बाखरपुर माफी, छाज्जूपुरा माफी, भटोला शुमाली, टीनिया माफी, हैबतपुर चौधरियान, पेली, बढ़पुरा, खंडसाल, रछौती, बंसगोपालपुर, डीगरा, पट्टी पारा, पारा खालसा तथा वालीपुर सहित कुल 34 गांव शामिल हैं।
प्रशासन का मानना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से अमरोहा की देश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों-हरिद्वार और प्रयागराज-से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, निवेश और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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