हरिद्वार , जून 01 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सोमवार को कड़ा कदम उठाया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अतुल प्रताप सिंह ने जिले के सभी छह सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई के वेतन आहरण पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है।
डीपीआरओ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा अपेक्षित सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। इसके अलावा स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण से जुड़ी व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी भी नहीं की जा रही थी, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्वजल योजना के अंतर्गत विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों का रोस्टर के अनुसार संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया। साथ ही ग्राम पंचायतों में सूखे कूड़े के संग्रहण और निस्तारण संबंधी आदेशों के अनुपालन तथा नियमित अनुश्रवण में भी लापरवाही सामने आई है।
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिले के छहों सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई 2026 के वेतन पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। डीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अभियान एवं पंचायत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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