हरिद्वार , मई, 12 -- उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग तथा खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आगामी 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 अब पूरे देश में लागू हो चुके हैं। इन नियमों का उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, वैज्ञानिक एवं डिजिटल बनाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि नियमों के अनुरूप कूड़े के पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और चिकित्सालयों से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे के अलग-अलग निस्तारण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही प्लास्टिक कचरा, मेडिकल वेस्ट, सैनिटरी नैपकिन एवं डायपर जैसे अपशिष्टों के लिए कूड़ा वाहनों में चार अलग-अलग कंटेनर रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई जाएगी अथवा कूड़े का उचित निस्तारण नहीं होगा, वहां संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता कंट्रोल रूम को निर्देशित किया गया कि सफाई कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है और हर की पौड़ी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों से मिलकर स्वच्छता अभियान को पुनः गति देने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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