हरिद्वार , अगस्त 14 -- उत्तराखंड में कोतवाली हरिद्वार के सामने स्थित भल्ला पार्क में शुक्रवार को देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की स्मृति में शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ध्वजारोहण कर अमर शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद जगदीश वत्स सहित देश के अनेक सेनानियों ने आजादी के लिए कठिन संघर्ष किया और अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके बलिदान को सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण ही देश को आजादी मिली है, इसलिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पूर्ण और प्रमाणिक इतिहास सुरक्षित किया जाना आवश्यक है, ताकि भावी पीढ़ी को उनके संघर्ष और योगदान की सही जानकारी मिल सके। उन्होंने इस संबंध में नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना होगा।

जिलाधिकारी ने कांवड़ मेले के सफल आयोजन में स्थानीय लोगों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कांवड़ जैसे बड़े आयोजन सभी के सहयोग और सुझावों से सफल होते हैं। आगामी कुंभ मेले में भी जनसुझावों को शामिल करते हुए सामूहिक सहभागिता से आयोजन को सफल बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में गोपाल नारसन ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके पराक्रम और देश के प्रति समर्पण से परिचित हो सके। मुरली मनोहर ने भी स्वतंत्रता आंदोलन और सेनानियों के संघर्ष एवं बलिदान की जानकारी साझा की।

इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उनके परिजनों एवं आश्रितों भारत भूषण, मुरली मनोहर, गोपाल नारसन, अनिल गिरी, मुकेश त्यागी, सुनील जोशी, बाल किशन कोरी, श्याम सुंदर सचदेवा, राजन कौशिक, रविंद्र शर्मा, शशि, सुनीता त्यागी, रीता गुलाटी, सुरेंद्र कुमार सैनी, नवीन शरण निश्चल, विशाल अग्रवाल, पार्षद हिमांशु गुप्ता सहित अन्य को शॉल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया।

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