हरिद्वार , सितंबर 07 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में जिलावासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 51 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई में राजस्व एवं भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। लाहौर सिंह ने चक एवं चकमार्ग की पैमाइश, औरंगाबाद के ग्रामीणों ने अतिवृष्टि से किसानों की भूमि, ग्राम समाज की भूमि और पक्के श्मशान घाट में हुए कटाव के समाधान के लिए पिचिंग कराने की मांग रखी। देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने शहीद स्मारक एवं मिलन केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

इसी तरह अरविंद कुमार ने मीटर रीडिंग के अनुसार बिजली बिल जारी नहीं होने, ज्ञानवती ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिलाने, जबकि नज़बन ने पिछले सात माह से लंबित विरासत दर्ज कराने की समस्या रखी। शिकायतकर्ता रमेश चंद्र चौहान ने आन्नेकी हेतमपुर क्षेत्र में सेक्टर रोड एवं चकरोड पर अतिक्रमण हटाने की मांग की। भुवन जोशी ने कांगड़ी क्षेत्र में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क तथा जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण की मांग उठाई। रसूलपुर-मीठीबेरी, लालढांग के ग्रामीणों ने झूला पुल, स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल से संबंधित समस्याओं के निराकरण की मांग रखी।

अपर जिलाधिकारी गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शीर्ष प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 436 तथा एल-2 स्तर पर 112 शिकायतें, यानी कुल 548 शिकायतें लंबित पाई गईं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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