सांगली , अगस्त 03 -- राज्य के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सोच के अनुरूप राज्य में वर्ष 2047 तक 300 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए एक वार्षिक योजना तैयार की गयी है और सांगली जिले को वर्ष 2026 के मानसून सत्र के दौरान 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा सांगली जिले के पालक मंत्री महाराष्ट्र सरकार के 'हरित महाराष्ट्र 300 करोड़ वृक्षारोपण अभियान' के तहत मिरज रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित 'ग्रीन सांगली' वृक्षारोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मिरज रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे प्रशासन से मिली एक एकड़ जमीन पर सामाजिक वानिकी विभाग के माध्यम से एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये जायेंगे और 'मियावाकी' तकनीक की मदद से 'अटल आनंद वन घन वन' विकसित किया जायेगा। यह एक विशेष वनीकरण तकनीक है, जिसे पारंपरिक तरीकों की तुलना में बेहद कम समय में घने और बहुस्तरीय स्थानीय जंगल उगाने के लिए तैयार किया गया है।
श्री पाटिल ने कहा कि यह तकनीक कम जगह में अधिक पौधे लगाकर कम समय में घना जंगल तैयार करने में मददगार साबित होगी और इस विकसित क्षेत्र को तीन वर्ष बाद रेलवे प्रशासन को सौंप दिया जायेगा।
उन्होंने अपील की, "पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जितना महत्वपूर्ण वृक्षारोपण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण लगाये गये पौधों को जीवित रखना है। प्रकृति हमें बिना किसी उम्मीद के फल, फूल, लकड़ी और ऑक्सीजन देती है। इसलिए पर्यावरण का संतुलन बनाये रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इसके लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा गोद लेना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"उन्होंने विद्यालय के छात्रों में छोटी उम्र से ही प्रकृति प्रेम, वृक्ष संरक्षण, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण सुरक्षा के संस्कार ढालने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं को सिगरेट, तंबाकू, गुटखा आदि जैसे व्यसनों (नशे) से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपने शिक्षकों और माता-पिता का सम्मान करने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और सामाजिक अनुशासन अपनाने का भी आग्रह किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित