नागपुर , जुलाई 12 -- ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की यहां हुई तीसरी बैठक के समापन पर नागपुर घोषणा-पत्र तैयार किया गया जिसमें टिकाऊ एवं हरित परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा आधारित गतिशीलता तथा भविष्योन्मुखी परिवहन प्रणाली को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

घोषणा-पत्र में कहा गया है कि परिवहन क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, समावेशी और लचीला बनाने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का मिलकर सामना करने, स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा बहु-माध्यमीय संपर्क को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है।

नागपुर घोषणा-पत्र में सड़क सुरक्षा में सुधार, दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, डिजिटल नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने तथा परिवहन अवसंरचना को अधिक सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई है। साथ ही परिवहन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति जताई गई है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस दौरान कहा कि परिवहन केवल लोगों और वस्तुओं की आवाजाही का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क और सतत विकास का प्रमुख आधार है। उन्होंने हरित, सुरक्षित और भविष्य उन्मुख परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया।

गौरतलब है कि भारत की अध्यक्षता में यहां आयोजित ब्रिक्स परिवहन सम्मेलन 9 से 12 जुलाई तक आयोजित किया गया जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के परिवहन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।

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