हरदोई , जुलाई 26 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई में पुलिस ने जिले की पुलिस ने व्यापारी के घर चोरी के मामले में दो बाल अपचारियों समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया ह और उनके पास से करीब एक करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की गयी है, जो इन्होंने थोक परचून के व्यापारी के यहाँ से अलमारी का ताला खोलकर आठ बैगो में रखी हुई चोरी की थी। गिरफ्तार किये गये आरोपी में तीन घरेलू नौकर भी शामिल हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम ने शनिवार देर रात बताया कि शहर कोतवाली के रेलवेगंज इलाके में 17 जुलाई को परचून के सामान के थोक कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर से करोड़ों रुपये की नकदी चोरी से सनसनी फैल गयी थी। रात के अंधेरे में चोर घर की अलमारी में रखे नकदी से भरे आठ बैग लेकर फरार हो गए थे। शुरुआत में परिवार ने घर में काम करने वाले तीन घरेलु नौकरो जिनमें (दो नाबालिग और तीसरा शोभित) पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। वारदात के बाद मामला चुकी डिजिटल की बजाय कैश लेनदेन के व्यापार का था तो व्यापारी ने मुकदमा दर्ज कराते समय चोरी की रकम नहीं दर्ज कराई थी। घटना के बाद से तीनो नौकर फरार थे। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग और शोभित को यह जानकारी थी कि कितना पैसा रहता है और चाभी कहा रखी जाती है जबकि टडियांवा थाने के बेलाहा गांव का रहने वाला अजय शुक्ला, शिवम और बदन जो शहर कोतवाली का रहने वाले है और उसी इलाके में मजदूरी करते है। इन लोगो ने घर में चोरी की योजना बनायीं और इसी योजना के तहत घर के घरेलू नौकरो से दोस्ती कर उन्हें घर की पूरी रेकी कराई। नौकरों ने बताया कि पैसे कहां रखे जाते हैं, कितनी नकदी रहती है और अलमारी की चाबी कहां रखी जाती है। इसी जानकारी के आधार पर पूरी चोरी की साजिश रची गई।
योजना के तहत घरेलू नौकरों ने परिवार के खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिलाई गईं। जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया तो अजय शुक्ला, बदन तीनों घरेलू नौकरों के साथ मकान में दाखिल हुआ, जबकि शिवम् बाहर डाला लेकर खड़ा रहा। यह लोग घरेलू नौकरों की सहायता से छत के रास्ते मकान के अंदर दाखिल हुए जहां परिवार नींद की गोलियों के असर में गहरी नींद में सोया था तब इन लोगो ने पंकज अग्रवाल के कमरे में घुसकर तकिए के नीचे रखी अलमारी की चाबी निकालकर अलमारी खोली गई और नोटों से भरे आठ बैग नीचे खड़े वाहन में लादकर सभी आरोपी फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कर निगरानी और एसओजी की मदद से जांच शुरू की। पूछताछ में पता चला कि चोरी की रकम इतनी ज्यादा थी कि उसे छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया, जिनमें लखनऊ के मड़ियावा का दीपक साहू ,सनी गुप्ता , अमान , हरदोई जिले के परम किशोर ,केशव , शिवम् ,सनी बाल्मीकि ,नीरज , प्रिंस और महफूज शामिल थे। पुलिस ने जब घटना में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया और जब उन्होंने सच उगला तो पुलिस ने इन सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये की नकदी बरामद की है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी भी कुछ लोग फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। उनसे पूछताछ के बाद चोरी की शेष रकम बरामद होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। हरदोई पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी का बड़ा हिस्सा सुलझाते हुए करोड़ों रुपये बरामद कर लिए हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क और चोरी की बची हुई रकम का भी खुलासा हो सकता है। वही इस मामले में इतनी बड़ी मात्रा में कैश की बरामदगी के बाद डिजिटल लेनदेन से व्यापार करने के सवाल पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। आशंका है की इतनी बड़ी नकदी की रकम भले ही पुलिस ने बरामद करके व्यापारी को राहत दी है लेकिन कैश की बरामदगी के बाद जीएसटी और आयकर विभाग की भी व्यापारी पर नजरे टेढ़ी हुई है।
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