हरदोई , अक्टूबर 25 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में सांडी रोड के पास स्थित एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन उन्हें गुमराह करता रहा और जीवित बताकर एम्बुलेंस के जरिये लखनऊ ले गया जहां दुबग्गा के हॉस्पिटल में मृत बता दिया जिसके बाद साथ गए अस्पताल के जिम्मेदार मौके से फरार हो गए तो परिजन वापस अस्पताल पहुंचे तो वहा तालाबंदी थी जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना देना शुरू कर दिया तो मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है और पूरे मामले में कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र में सांडी रोड के पास स्थित एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के बाद रोते बिलखते यह परिजनों की तस्वीर है दरअसल थाना सुरसा के पोथेपुरवा गांव की रहने वाली ज्योति पत्नी सुनील के परिजनों का आरोप है कि 23 अक्टूबर की दोपहर ज्योति(32 ) को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 24 अक्टूबर को ऑपरेशन से उन्होंने बेटे को जन्म दिया। मृतका के परिजन राम सज्जन का आरोप है कि बच्चे के जन्म के कुछ घंटे बाद ज्योति की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में मौजूद महिला कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और डॉक्टर को बुलाने में भी देरी हुई।
परिजनों का दावा है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल की ओर से उन्हें लखनऊ ले जाने की बात कही गई। परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस लखनऊ चुंगी तक पहुंची तो अस्पताल की ओर से साथ भेजा गया एक युवक रास्ते में उतरकर चला गया। परिजनों के विरोध और दबाव के बाद महिला को एम्बुलेंस में लखनऊ ले जाया गया और साथ में दूसरे वाहन से अस्पताल के लोग भी गए जहां निजी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उसके बाद साथ आये लोगो ने उन्हें रुपए पैसे का लालच दिया और उसके बाद मौके से फरार हो गए। जिसके बाद परिजन शव लेकर हरदोई वापस उसी अस्पताल पहुंचे लेकिन यहां अस्पताल के लोग अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गए। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए, हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है वही परिजनों ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने और संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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