वॉशिंगटन , मई 05 -- अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ टकराव नहीं चाहता, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर किसी भी हमले की स्थिति में कठोर सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
श्री हेगसेथ ने पेंटागन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अमेरिकी सेना का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के 'अवैध दबदबे' को समाप्त कर वैश्विक नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिए अमेरिकी बलों को ईरान के हवाई क्षेत्रया जलसीमा में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी।"उन्होंने कहा, " हम लड़ाई नहीं चाहते। वे (ईरान) कहते हैं कि वे जलडमरूमध्य को नियंत्रित करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। "अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि इस अभियान के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया तो ईरान को 'जबरदस्त सैन्य शक्ति' का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, " यदि वाणिज्यिक जहाजों पर हमला होता है तो ईरान को भारी जवाब दिया जाएगा। "श्री हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने जलडमरूमध्य के ऊपर एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात की रक्षा की जा सके।
इस बीच, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि युद्धविराम लागू होने के बाद से ईरान ने अमेरिकी बलों पर 10 से अधिक हमले किये हैं, लेकिन ये अभी उस स्तर से नीचे हैं, जहां अमेरिका व्यापक सैन्य अभियान फिर से शुरू करे। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति 'कम तीव्रता' वाली है।
श्री हेगसेथ ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अभी समाप्त नहीं हुआ है, हालांकि जलडमरूमध्य क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सीमित झड़पें हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह मिशन मौजूदा सैन्य अभियान से अलग, सीमित और रक्षात्मक प्रकृति का है।
जनरल केन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में एक उन्नत सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किया गया है, जिसकी निगरानी अमेरिकी थल, जल और वायु सेना के संयुक्त संसाधनों द्वारा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 15,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक क्षेत्र में तैनात हैं और 100 से अधिक लड़ाकू विमान तथा मानव रहित प्रणालियां चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। इसके अलावा तेज नौकाएं और ड्रोन भी तैनात किये गये हैं।जनरल केन ने कहा कि आने वाले दिनों में अधिक वाणिज्यिक जहाजों के इस मार्ग से गुजरने की संभावना है और अमेरिकी बल किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आदेश मिला तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है और वर्तमान संयम को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
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