भोपाल , अक्टूबर 18 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शासकीय हमीदिया अस्पताल के बाहर मरीजों को छोड़े जाने के मामले ने उनकी देखरेख और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कुछ ऐसे मरीज दिखाई देने का दावा किया गया है, जिनके साथ देखरेख के लिए परिजन मौजूद नहीं हैं। बताया गया है कि इनमें कुछ मरीज दिव्यांग हैं, जबकि कुछ मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों का उपचार पूरा होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। वहीं, वीडियो साझा करने वालों का दावा है कि इन मरीजों को अब भी उपचार और देखभाल की आवश्यकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिन मरीजों के साथ परिजन नहीं हैं, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनकी देखरेख और आगे के उपचार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
मामले में जानकारी लेने के लिए हमीदिया अस्पताल के आपातकालीन विभाग की अधीक्षक डॉ. रुचि टंडन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस कारण मरीजों की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति और उनकी देखभाल की व्यवस्था को लेकर अस्पताल का पक्ष नहीं मिल सका। मरीजों की स्थिति, उन्हें छुट्टी दिए जाने की परिस्थितियों और अस्पताल के बाहर उनकी देखरेख की व्यवस्था की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
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