पटना , जून 17 -- ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से संचालित 'हमारा बिहार हमारी सड़क' मोबाइल ऐप ग्रामीण सड़कों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए भी सतत प्रयासरत है।इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिये विभाग द्वारा संचालित हमारा बिहार हमारी सड़क मोबाइल ऐप एक महत्वपूर्ण डिजिटल मंच के रूप में कार्य कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से ग्रामीण नागरिक अपने क्षेत्र की सड़कों से संबंधित समस्याओं की जानकारी सीधे विभाग तक उपलब्ध करा रहे हैं।
प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जाती है तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण सड़क नेटवर्क के रखरखाव एवं जनसुविधाओं में निरंतर सुधार हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि हमारा बिहार हमारी सड़क ऐप के माध्यम से राज्यभर से अब तक कुल 3,378 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 3,272 शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त शिकायतों का लगभग 96.86 प्रतिशत है।
प्राप्त शिकायतों में से 2,608 मामलों में आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए गए हैं, जबकि 664 शिकायतों का जांच एवं सत्यापन के उपरांत निस्तारण किया गया है। विभाग के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्तमान में केवल 106 शिकायतें लंबित हैं, जो कुल शिकायतों का मात्र 3.14 प्रतिशत है।
जोनवार प्रदर्शन में मुजफ्फरपुर जोन सर्वाधिक शिकायतों के निष्पादन में अग्रणी रहा है, जहाँ प्राप्त 755 शिकायतों में से 735 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है तथा लंबित शिकायतों का प्रतिशत 2.65 है। वहीं पूर्णिया जोन में प्राप्त 556 शिकायतों में से 543 शिकायतों का निष्पादन किया गया है और लंबित शिकायतों का प्रतिशत 2.34 है। पटना जोन में प्राप्त 561 शिकायतों में से 538 शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है तथा लंबित शिकायतों का प्रतिशत 4.10 है।इसके अतिरिक्त दरभंगा जोन में प्राप्त 713 शिकायतों में से 692 शिकायतों, गया जोन में प्राप्त 444 शिकायतों में से 426 शिकायतों तथा भागलपुर जोन में प्राप्त 349 शिकायतों में से 338 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। सभी जोनों में लंबित शिकायतों के शीघ्र निष्पादन के लिये नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जा रही है।
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