अहमदाबाद , जून 01 -- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने हम जीत का जश्न माना रहे लेकिन हमारा ध्यान अब इस बात पर है कि इस लगातार तीसरी बार यह कैसे किया जाए।
गुजरात टाइटंस को हराकर सोमवार तड़के करीब एक बजे आईपीएल ट्रॉफी के साथ संवाददाता सम्मेलन में पहुंचे पाटीदार के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान थी। जो व्यक्ति आमतौर पर अपनी भावनाएं ज़्यादा जाहिर नहीं करता, उसके लिए यह मुस्कान किसी भी शब्द से अधिक कह रही थी। उनके बगल में रखी ट्रॉफी को बीच-बीच में देखना और उसे महसूस करना उस कप्तान की संतुष्टि को दिखा रहा था। इस पल को और भी ख़ास बनाने वाली बात इसका समय था। यह उनका 33वां जन्मदिन भी था।
उन्होंने कहा, "मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, यह शानदार एहसास है। आज मेरा जन्मदिन है और इससे बेहतर तोहफ़ा नहीं हो सकता। मैं ऐसा इंसान हूं, जो हमेशा वर्तमान में जीने पर ध्यान देता है। हमने लगातार दो ख़िताब जीते हैं, इसका जश्न मनाएंगे, लेकिन अब ध्यान इस बात पर होगा कि लगातार तीसरी बार यह कैसे किया जाए। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। जब आप ट्रॉफ़ियां जीतते हैं, तो व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं देखते। इससे बड़ा कुछ नहीं है।"जब उनसे दोनों ख़िताबी सफ़र की तुलना करने को कहा गया, तो पाटीदार को लगा कि 2026 का ख़िताब कहीं न कहीं पहले से तय सा लग रहा था, क्योंकि लीग चरण में टीम का दबदबा साफ़ दिखाई दिया था।
उन्होंने कहा, "पिछले साल काफी दबाव था इस साल मैं ज़्यादा शांत था। पूरे टूर्नामेंट में हमने सिर्फ़ खेला नहीं, बल्कि दबदबा बनाया। मुझे भरोसा था कि अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो आरसीबी के लिए दूसरा खिताब जीत सकते हैं। कप्तान के तौर पर मैं बहुत ज़्यादा भावनाएं जाहिर नहीं करता, लेकिन साथ ही मैच की परिस्थितियों को समझता हूं। बेशक आपको समर्थन की जरूरत होती है और मुझे टीम प्रबंधन व खिलाड़ियों से भरपूर समर्थन मिला।"जिन चीज़ों पर उन्होंने सबसे ज़्यादा मेहनत की, उनमें बल्लेबाज़ी और कप्तानी को अलग-अलग रखना शामिल था। बल्लेबाज़ी की तैयारी उन्होंने ऑफ-सीज़न में दिनेश कार्तिक के साथ की थी, जिसका शानदार नतीजा सीज़न के दौरान देखने को मिला। पाटीदार ने 192.69 के स्ट्राइक रेट से 501 रन बनाए। 2021 में डेब्यू के बाद किसी एक सीज़न में यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
उन्होंने कहा, "मैंने कप्तान और बल्लेबाज दोनों भूमिकाओं में बहुत कुछ सीखा। "मैं इस बात पर ध्यान देता हूं कि बल्लेबाज़ी के लिए ख़ुद को कितना समय देता हूं। सीज़न से पहले मैंने नेट्स में काफ़ी समय बिताया...केवल मैं और गेंदबाज। दिनेश कार्तिक भाई के साथ मेरी काफी बातचीत हुई, ख़ासकर ट्रिगर मूवमेंट्स और कुछ तकनीकी बदलावों को लेकर। जब मैं आईपीएल में आया तो उसी तैयारी को जारी रखा और उसे अमल में लाया। इससे बल्लेबाज के तौर पर मुझे बेहद स्पष्टता मिली। कप्तान के तौर पर मैंने फाफ डु प्लेसी से बहुत कुछ सीखा, जैसे वह स्वयं को कैसे प्रजेंट करते हैं और उनकी बॉडी लैंग्वेज हमेशा आत्मविश्वास से भरा रहता है।"पाटीदार ने गेंदबाजी कोच ओमकार साल्वी के योगदान की भी जमकर सराहना की। सितारों से भरे कोचिंग स्टाफ में साल्वी अक्सर सुर्ख़ियों से दूर रहते हैं, लेकिन पाटीदार ने कहा कि ख़ासकर युवा खिलाड़ियों पर उनका प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण रहा। इनमें रसिख सलाम भी शामिल हैं, जिन्होंने शानदार सीजन खेलते हुए 19 विकेट लिए, जो भुवनेश्वर कुमार के बाद टीम के लिए दूसरे सबसे अधिक विकेट थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित