हनुमानगढ़ , मई 16 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के करणीसर-सहजीपुरा गांव में घग्गर नदी से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिये पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

शनिवार को प्रशासन ने भारी पुलिस सुरक्षा के साथ छठी बार पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन गांव में दो गुटों के बीच तनाव अब भी बरकरार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन पहले पांच बार यह पाइपलाइन बिछा चुका है, लेकिन हर बार कुछ अज्ञात लोग पाइपलाइन तोड़ देते या उखाड़ देते हैं। आज भी पुलिस जाब्ते के साथ तहसीलदार हरीश सारण, सदर थाना प्रभारी राकेश सांखला और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं फिर भी स्थानीय स्तर पर आक्रोश कम नहीं हुआ है।

ग्रामीणों ने फिर स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया गया तो वे बड़े आंदोलन पर उतर सकते हैं। गांव में इस मुद्दे को लेकर दो गुट बन गए हैं।एक गुट पाइपलाइन का समर्थन कर रहा है जबकि दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा है।

पूर्व में वामपंथी दलों और विभिन्न किसान संगठनों ने इस मुद्दे पर हनुमानगढ़ जिला मिनी सचिवालय के समक्ष कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने पुतले जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। इस मामले में पाइपलाइन तोड़ने या उखाड़ने वाले लोगों के खिलाफ थाने में मामला भी दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई स्थाई सुधार नहीं आया है।

जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। किसान इस पाइपलाइन से घग्गर नदी का पानी अपने खेतों तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी सिंचाई की समस्या हल हो सके।

प्रशासन का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को फायदा होगा और पानी की बर्बादी भी रुकेगी। दूसरी ओर विरोध करने वाले लोग अपनी कुछ स्थानीय समस्याएं और आशंकाएं जता रहे हैं।

वर्तमान में गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी है। यह देखना होगा कि छठी बार बिछाई जा रही पाइपलाइन कितने दिन टिक पाती है और प्रशासन आखिरकार इस विवाद का क्या स्थाई समाधान निकाल पाता है।

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