हनुमानगढ़ , जून 18 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में अनधिकृत रूप से स्टाम्प, स्वघोषणा पत्र अथवा ओटीपी के माध्यम से बोगस ठेकानामे तैयार करके अनुचित लाभ उठाने वाले किसानों एवं उनसे संबंधित आढ़तियों के खिलाफ प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। क्षेत्रीय उपनिदेशक (कृषि विपणन) विष्णुदत्त शर्मा ने गुरुवार को बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरंभिक जांच में सामने आया है कि कई भूमिधारकों द्वारा पोर्टल पर बोगस ठेकानामे अपलोड करके समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद योजना का अनुचित लाभ उठाया गया। हनुमानगढ़ टाउन, हनुमानगढ़ जंक्शन, रावतसर, पीलीबंगा, टिब्बी, संगरिया सहित तलवाड़ा एवं जाखड़ावाली गौण मंडियों में तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से प्रमुख भूमिधारकों को चिन्हित करके 10 मामले तैयार किये जा चुके हैं।
श्री शर्मा ने बताया कि इन मामलों में संबंधित भूमिधारकों द्वारा 14 हजार 692 क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया जाना सामने आया है। रावतसर की एक फर्म से जुड़े मामले में ऑफलाइन गिरदावरी के आधार पर फर्जी तरीके से गेहूं विक्रय किये जाने का मामले का पता चला है। जांच में पाया गया कि राजेश, उदयपाल, रामचन्द्र, सुलोचना देवी, इमानती और विक्रम कुमार द्वारा रावतसर मंडी की फर्म शुभम किरयाना स्टोर के माध्यम से दो हजार 409 क्विंटल गेहूं का विक्रय करके अनुचित लाभ प्राप्त किया गया।
उन्होंने बताया कि इन सभी मामलों में संबंधित आढ़तियों को भी चिह्नित कर लिया गया है। नियमानुसार संबंधित आढ़तियों, भूमिधारकों एवं बोगस गिरदावरी अथवा ठेकानामों के माध्यम से अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किये जा रहे हैं। साथ ही अन्य संदिग्ध मामलाें की भी गहन जांच जारी है।
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