हनमकोंडा (तेलंगाना) , फरवरी 22 -- तेलंगाना में ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने जिले के श्यामपेट मंडल के श्यामपेट गांव में एक झोलाछाप चिकित्सक के क्लिनिक पर छापा मारकर अवैध रूप से बिक्री के लिए रखी गई दवाएं जब्त की हैं।

विश्वसनीय सूचना के आधार पर शनिवार को अधिकारियों ने "फर्स्ट एड क्लिनिक" पर कार्रवाई की। यह क्लिनिक राचर्ला प्रभाकर द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो कथित रूप से बिना वैध चिकित्सीय योग्यता के चिकित्सा अभ्यास कर रहे थे।

डीसीए के महानिदेशक शाहनवाज कासिम ने रविवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि निरीक्षण के दौरान 30 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। इनमें फिजिशियन सैंपल, संस्थागत आपूर्ति की दवाएं, उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक्स, स्टेरॉयड और ट्रामाडोल इंजेक्शन जैसे आदत डालने वाले ड्रग्स शामिल हैं, जिन्हें अवैध रूप से भंडारित किया गया था। जब्त दवाओं की कुल अनुमानित कीमत 35,000 रुपये आंकी गई है।

अधिकारियों ने अयोग्य व्यक्तियों द्वारा एंटीबायोटिक दवाओं की अंधाधुंध बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस ( एएमआर) जैसी गंभीर समस्या बढ़ सकती है। साथ ही, क्लिनिक में स्टेरॉयड की मौजूदगी पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि स्टेरॉयड के दुरुपयोग से प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होना, हार्मोनल असंतुलन, मांसपेशियों और हड्डियों की कमजोरी, हृदय संबंधी जटिलताएं तथा मानसिक दुष्प्रभाव जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

यह छापेमारी ड्रग्स इंस्पेक्टर जे. किरण कुमार (हनमकोंडा) और पी. श्रवण कुमार (वारंगल) ने सहायक निदेशक डॉ. जी. राज्यलक्ष्मी, वारंगल के पर्यवेक्षण में की। जब्त दवाओं के नमूने विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं।

मामले की आगे जांच जारी है और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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