बांदा , अगस्त 31 -- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक स्थानीय अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 21-21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि मकरी गांव निवासी शिवशरण और रामबरन के बीच जमीन को लेकर विवाद था। इस संबंध में मामला उच्च न्यायालय, प्रयागराज में भी विचाराधीन था। 18 मई 2003 की शाम करीब सात बजे शिवशरण मुकदमे की पैरवी के लिए प्रयागराज जाने हेतु खुरहंड स्टेशन से ट्रेन पकड़ने निकले थे।
उन्होंने बताया कि मकरी गांव में श्री हनुमान मंदिर के पास पहुंचने पर रामबरन ने अपने दो सगे भाइयों उदयभान और सुरेंद्र के साथ मिलकर शिवशरण की हत्या की नीयत से गोली चला दी। इस हमले में शिवशरण बाल-बाल बच गए, लेकिन मनोहर पुरवा गांव निवासी दलित राहगीर राजकुमार गोली लगने से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी विकास श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रामबरन, उदयभान और सुरेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास तथा 21-21 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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