पंचकूला , जुलाई 28 -- हरियाणा में पंचकूला पुलिस ने हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और अन्य गंभीर मामलों की जांच में तेजी लाने तथा आदतन अपराधियों, पैरोल पर बाहर आए आरोपियों और जेल से रिहा अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

ये निर्देश मंगलवार को सेक्टर-1 स्थित डीसीपी कार्यालय में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अदिति सिंह ने अधिकारियों को दिए।

बैठक में सभी एसीपी, थाना प्रभारी, पुलिस चौकी प्रभारी और विभिन्न पुलिस शाखाओं के अधिकारी शामिल हुए। डीसीपी ने लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि हत्या, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और अन्य जघन्य मामलों की जांच में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चोरी, स्नेचिंग, सेंधमारी और वाहन चोरी की घटनाओं का विश्लेषण कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की नियमित जांच, प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों का दायरा बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा।

डीसीपी ने अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम, आबकारी अधिनियम, जुआ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर बल दिया।

बैठक में डिजिटल पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। डीसीपी ने कहा कि आधुनिक पुलिस एप्लिकेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिकतम उपयोग से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनेगी।

पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

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