नयी दिल्ली , अप्रैल 03 -- राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) ने झारखंड के हजारीबाग जिले में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए खौफनाक अपराध पर स्वतः संज्ञान लिया है और इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

खबरों के मुताबिक, 25 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में बच्ची का शव मिला था, जिस पर अत्यधिक क्रूरता के निशान थे। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

पैनल में राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य ममता कुमारी, आयोग के कानूनी अधिकारी मनमोहन वर्मा और वरिष्ठ समन्वयक कंचन खट्टर शामिल हैं। यह समिति तथ्यों को जुटाने, मामले की समीक्षा करने और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करने के लिए हजारीबाग का दौरा करेगी, ताकि अपराध की परिस्थितियों और अब तक की गयी कार्रवाई का आकलन किया जा सके।

सुश्री राहटकर ने राज्य प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निवारक उपाय भी बेहद जरूरी हैं।

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