हजारीबाग , मई 27 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित कुद गांव में मंगलवार रात दर्दनाक हादसा हो गया।

सेप्टिक टैंक में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि सूरज मंदिर के पास बने एक अर्द्धनिर्मित सेप्टिक टैंक का उपयोग कथित तौर पर अवैध महुआ शराब रखने और बनाने के लिए किया जा रहा था। मंगलवार रात टैंक से शराब निकालने के दौरान यह हादसा हुआ।

बताया जाता है कि सबसे पहले एक व्यक्ति टैंक के अंदर उतरा था। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे बचाने के लिए परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर टैंक में उतर गए। बंद टैंक में मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण सभी बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकालकर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में 50 वर्षीय चमेली देवी, उनका पुत्र 25 वर्षीय रवि साव और देवर 45 वर्षीय मदन साव शामिल हैं। वहीं चमेली देवी के पति आनंद साव गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बंद टैंक में महुआ शराब तैयार की जा रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे बंद स्थानों में कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसें तेजी से बनती हैं, जो जानलेवा साबित होती हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वहां अवैध शराब बनाने का काम कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बंद टैंक, कुएं या गहरे गड्ढे में बिना सुरक्षा उपकरण के प्रवेश न करें। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।

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