रांची , अगस्त 22 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर कल शुक्रवार को हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में हुए छात्र-प्रशासन टकराव के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस ने मामले में करीब 700 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें करीब 200 लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर तैनात मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि भीड़ में कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे और किन लोगों की भूमिका से स्थिति तनावपूर्ण हुई।
घटना के दौरान गांधी मैदान में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। पुलिस अब घटनास्थल के वीडियो फुटेज की जांच कर करीब 200 लोगों की पहचान करने में जुटी है। फुटेज के आधार पर कानून-व्यवस्था भंग करने में शामिल लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसी दौरान झामुमो समर्थकों के मौके पर पहुंचने और छात्रों को खदेड़ने के आरोप भी सामने आए थे।
छात्र जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम रखा गया था। हजारीबाग में छात्र गांधी मैदान पहुंचे थे। पुतला दहन से पहले प्रशासन द्वारा उन्हें हटाने के प्रयास के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। वीडियो फुटेज के अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तारी समेत आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
हजारीबाग की घटना के बाद छात्र आंदोलन और प्रशासनिक कार्रवाई आमने-सामने आ गई है। एक ओर छात्र जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने करीब 700 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि दर्ज मामले में कितने लोगों की भूमिका सामने आती है और कितने लोगों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाती है।
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