हजारीबाग , जून 03 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची और उसके 3 वर्षीय भाई के अपहरण एवं निर्मम हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी संजीत पासवान, पिता रामअवतार पासवान, निवासी सिंदूर, थाना कोर्रा, जिला हजारीबाग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओला शोरूम में कार्यरत बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 30 मई को बच्चों के पिता मो. आमिर ने दोनों बच्चों के ओला शोरूम के पास से लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद कटकमदाग थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष एसआईटी का गठन किया गया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी संजीत पासवान दोनों बच्चों को स्कूटी पर बैठाकर ले गया था। 31 मई को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर स्थित श्मशान घाट से बच्ची का शव बरामद किया गया। बाद में सर्च अभियान के दौरान उसके छोटे भाई का शव श्मशान घाट से करीब 500 मीटर दूर एक कुएं से बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी को 3 जून को जिला से भागने के क्रम में शहरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी संख्या जेएच02बीएच-8804 और प्लास्टिक का बोरा बरामद किया गया है।
इस जघन्य घटना के उद्भेदन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव अमित आनंद, अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय ज्ञान रंजन, पेलावल अंचल के पुलिस निरीक्षक सपन महथा, सदर थाना प्रभारी चन्द्रशेखर कुमार, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक, गद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, पुअनि चितरंजन कुमार, पुअनि पुन्नु यादव, पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक, सअनि लक्ष्मण तिवारी, मनोज कुमार, सशस्त्र बल एवं तकनीकी शाखा के पदाधिकारी-कर्मियों की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि एसआईटी टीम ने अल्प समय में मामले का शत-प्रतिशत उद्भेदन कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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