रांची , मार्च 30 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा से 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया हैं।
अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में दर्ज किया हैं। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी, गृह सचिव और हजारीबाग के एसएसपी को इस मामले में पार्टी बनाया हैं. स्वतः संज्ञान को जनहित याचिका में दर्ज किया गया।
ज्ञातव्य हो कि हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में मंगलवार रात बच्ची मंगला जुलूस देखने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन बुधवार सुबह गांव के एक मैदान में गड्ढे से उसका खून से लथपथ शव बरामद हुआ।
आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बच्ची के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया था। खंडपीठ ने हजारीबाग एसपी को त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया हैं।
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