चंडीगढ़ , मार्च 06 -- राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से पंजाब विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार पूर्वाह्न 11:00 बजे यहां विधान भवन में शुरू हुआ।
यह 11 दिवसीय बजट सत्र वर्तमान सरकार का विधानसभा चुनावों से पहले का अंतिम बजट होगा। बजट आठ मार्च को पेश किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण के शुरू होते ही सदन में कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। पंजाब के कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने भी राज्यपाल के अभिभाषण को बीच में ही छोड़ कर बाहर आकर मीडिया को संबोधित करना शुरू कर दिया। सदन के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैंड और बाजा लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत 'सत श्री अकाल' कहकर की, लेकिन जैसे ही उन्होंने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, कांग्रेस के विधायक अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध करने लगे। इस दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में अमन-कानून की स्थिति का मुद्दा उठाया और विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की। बाद में विधायक सुखविंदर कोटली सहित कई कांग्रेस विधायक सदन के बीचोबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
राज्यपाल ने विपक्षी सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और उचित समय पर यह मुद्दा उठाया जा सकता है, लेकिन कांग्रेस विधायक लगातार विरोध करते रहे। श्री बाजवा राज्यपाल के अभिभाषण के समानांतर अपना भाषण पढ़ते रहे और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते रहे।
श्री कटारिया ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर विपक्ष अपनी बात सदन में रख सकता है, इसलिए अभिभाषण के दौरान व्यवधान न डाला जाये। इसके बाद सदन को अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दिया गया। अभिभाषण के बाद, मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने कहा, "बजट से पहले राज्यपाल का भाषण होता है और भविष्य में क्या होगा, उसका ब्योरा दिया जाता है कि भविष्य में सरकार की अगले साल की योजनाएं क्या हैं, तो उसका पहले दिन राज्यपाल का आभूषण होता है। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक व्यवस्था है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका (कांग्रेस) भाषण सुनने का इरादा नहीं था। इरादे पर सवाल उठाते हुए श्री कटारिया ने कहा कि विरोध संवैधानिक तरीके से दर्ज करना चाहिए। पहले भाषण सुनने चाहिए। पहले उपलब्धियां सुननी चाहिए, फिर आलोचना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, " विधानसभा में मैने कोशिश की थी कि सभी साथी बजट भाषण को सुने और जो आलोचना करनी है, उसके लिए आपका सदन है। मेरा आग्रह अभी भी है कि जितना सदन में आप अपनी बातों का अंकित कराओगे, उतना ही आप फायदे में रहोगे।"श्री कटारिया ने पंजाब सरकार के काम की भी तारीफ की। खासकर ड्रग्स के खिलाफ चल रही जंग को लेकर श्री कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो एक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा, " जब मैंने विलेज डिपेंडेंट कमेटियों के साथ मीटिंग की तो मैंने देखा कि गांवों में इसका असर हुआ है। श्री कटारिया ने शिक्षा का भी जिक्र करते हुए कहा कि अब पंजाब में शिक्षा को लेकर बहुत बड़े कदम उठाये गये हैं।" उन्होंने कहा कि शिक्षा में पहले पायदान पर पंजाब का आना निश्चित रूप से एक अच्छी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम् आंदोलन के आधार पर देश आजाद हुआ है। वंदेमातरम् के कारण से उन्होंने अपने आप को कुर्बान किया तो उसका सम्मान देश की आजादी के सम्मान के साथ जुड़ा है।"कांग्रेस आप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस सदस्यों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी संख्या में चंडीगढ़ पुलिस भी तैनात है। आम आदमी पार्टी ने इससे पहले ही श्री बाजवा ने मंत्री हरभजन ईटीओ को बैंड वाला कहने को लेकर बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन किया। इस पर कांग्रेस ने राज्यपाल और चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत करने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि विधायक हॉस्टल और विधानसभा के भीतर इस तरह का प्रदर्शन गैरकानूनी है। कांग्रेस विधायक दल नेता श्री बाजवा ने कहा कि आप वालों को मुख्यमंत्री के घर के बाहर बैंड बजाना चाहिए, वह एक महीने से घर बैठे हैं। राज्य कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि आप की सरकार ने चार साल पहले जो वादे किये थे, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाये। विशेष रूप से महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस ने सरकार से अपनी रणनीति स्पष्ट करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं को जल्द से जल्द यह राशि दी जाये और पिछले चार वर्षों का बकाया पैसा भी दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अगर आप आठ मार्च को विधानसभा में महिलाओं को पैसा देने की घोषणा करती है, तो उन्हें पिछली अवधि का बकायाभी देना चाहिए। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाये। नेताओं ने कहा कि आप सरकार बननेके बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है। लगातार मुठभेड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं और शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में भी खुलेआम गोलीबारी के मामले देखने को मिल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सरकार महिलाओं को वादा किया गया पैसा जल्द दे और राज्य में कानून-व्यवस्था को भी सुधारे। इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मोहाली के पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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