नयी दिल्ली , फरवरी 18 -- हंगरी की नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर डॉ. लाजोस ओला के नेतृत्व में एक संसदीय प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को यहां संसद भवन परिसर में राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश से भेंट की।

श्री हरिवंश ने इस दौरान संसदीय सहभागिता को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इस प्रकार के संबंध दोनों देशों के कानून निर्माताओं के बीच संवाद, आम-सहमति और आपसी समझ को बढ़ावा देकर सरकारी कूटनीति को पूरा करते हैं।

मार्च 2024 में अपनी हंगरी यात्रा का स्मरण करते हुए उन्होंने दोनों देशों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं के आगे भी निरंतर जारी रहने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि दोनों देशों की लोकतांत्रिक शासन-विधि, विधानवाद और विधि -नियम को साझा करने की प्रतिबद्धता पर बल दियाउपसभापति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जनहित हेतु प्रौद्योगिकी के सिद्धांत पर कार्य कर रहा है।

ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की सकुशल निकासी में हंगरी की सहायता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और हंगरी के बीच राजनयिक संबंध 1948 में स्थापित हुए थे और 2023 में उनकी 75वीं वर्षगांठ मनाई गई । उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देश लोकतांत्रिक शासन-विधि , विधानवाद, विधि-शासन और प्रतिनिधि संस्थानों के प्रति प्रतिबद्धता साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा संचालित हैं।

भारत के डिजिटल परिवर्तन पर उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सार्वजनिक हित के लिए प्रौद्योगिकी के सिद्धांत पर कार्य कर रहा है। यहां भारतमंडपम में चल रहेआ एआई इम्पैक्ट सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने समिट में हंगरी की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि समिट का शीर्षक 'डेमोक्रेटाइजिंग एआई, ब्रिजिंग द एआई डिवाइड' जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सभी के लिए सुलभ और लाभकारी बनाने पर केंद्रित है। उपसभापति ने यह भी कहा कि भारत ने पेपरलेस शासन को सक्षम बनाने और सेवा प्रदायगी के संवर्धन के लिए डिजिटल पहचान-आधार; भुगतान प्रणाली- यूपीआई और डिजिलॉकर सहित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा से संबंधित कई प्रमुख परियोजनाओं को सफलतापूर्वक शुरू किया है।

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