लखनऊ , अगस्त 19 -- अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में समन्वय, समयबद्धता, जवाबदेही और परिणामपरक कार्यप्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

श्री घोष ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तर प्रदेश की कार्यकारी समिति की 139वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, सेवा प्रदाताओं के भुगतान, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य संकेतकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त होने में विलंब हो रहा हो, वहां आवश्यकता के अनुसार राज्य बजट से धनराशि की व्यवस्था कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहे।

अपर मुख्य सचिव ने आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित चार प्रमुख इंडीकेटर्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माइक्रो प्लान का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए तथा प्रत्येक स्तर पर उसके परिणामों की निगरानी की जाए।

अपर मुख्य सचिव ने विभिन्न सेवाओं के लिए चयनित सेवा प्रदाताओं के भुगतान में हो रहे विलंब पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भुगतान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सेवा प्रदाताओं का भुगतान नियमित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी से कार्य प्रभावित होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए भुगतान व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने विशेष सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। समीक्षा में यह भी देखा जाएगा कि भुगतान से संबंधित पत्रावलियां किस स्तर पर और किन कारणों से लंबित रहती हैं। अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी निर्धारित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रवि रंजन, वीरेंद्र सचान, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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