शिमला , अप्रैल 08 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को घोषणा की कि मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए यहां के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की और राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इन अतिरिक्त पीजी सीटों में आरपीजीएमसी टांडा में 57, मंडी में 29, नाहन में 32, चंबा में 33, हमीरपुर में 67 और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में 96 सीटें शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विस्तार से इन संस्थानों के कामकाज में सुधार होगा और मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी। नये मेडिकल कॉलेजों में संकाय की कमी और टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर-स्पेशलिस्ट पदों की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने निर्देश दिया कि पदोन्नति को प्रभावित किये बिना अगले तीन वर्षों के लिए प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी जाए।

उन्होंने विभागों को मजबूत करने के लिए असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के उचित पदनाम का भी निर्देश दिया, जिसमें डायग्नोस्टिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के सभी रिक्त पदों को नवंबर तक भर दिया जायेगा और इसके साथ ही पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती भी की जायेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीदने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

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