बैतूल , अगस्त 18 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को नैतिक दायित्व समझकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें।

कलेक्टर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकीय सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। एएनसी पंजीयन में बैतूल शहरी क्षेत्र सहित मुलताई, भीमपुर और प्रभात पट्टन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर सुधार के निर्देश दिए गए।

मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में आमला, शाहपुर, भीमपुर और मुलताई की कम उपलब्धि पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों को सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की गंभीरता से समीक्षा कर लक्ष्य पूर्ण कराने को कहा गया। वहीं सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में चिचोली और आमला को शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए।

मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कारणों की गहन जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। जिला अस्पताल से रेफर किए गए प्रसव मामलों में निजी अस्पतालों में हुए प्रसव की जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए गए।

एचबीएनसी की समीक्षा में बैतूल शहरी क्षेत्र, आमला, आठनेर, चिचोली और प्रभात पट्टन में शत-प्रतिशत विजिट सुनिश्चित करने को कहा गया। एसएनसीयू से डिस्चार्ज होने वाले बच्चों के कार्ड आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं भरे जाने पर संबंधित बीसीएम की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

टीकाकरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी टीकाकृत बच्चों की यू-विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। डब्ल्यूएचओ टीम की मॉनिटरिंग के दौरान बच्चों के टीकाकरण से छूटने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित एएनएम के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। एचपीवी टीकाकरण में शाहपुर और प्रभात पट्टन की कम उपलब्धि पर आउटरीच प्लान तैयार करने को कहा।

कलेक्टर ने दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए बच्चों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएएम बच्चों और डायरिया के मामलों की भी शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने को कहा। सीडीआर, एनसीडी और टीबी स्क्रीनिंग तथा फूड बास्केट वितरण की समीक्षा करते हुए सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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