बैतूल , अक्टूबर 15 -- बैतूल जिले में स्वास्थ्य और महिला बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों और स्वास्थ्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ओपीडी और गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन में कम प्रगति मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैतूल शहरी, प्रभात पट्टन और भैंसदेही क्षेत्रों में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। टीकाकरण में लापरवाही पर उप स्वास्थ्य केंद्र चिचोली और चिरापाटला बेला के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। शाहपुर के खंड चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी करने और कम प्रगति वाले केंद्रों की एएनएम का वेतन रोकने को भी कहा गया। पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि नहीं होने पर ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक विस्तार प्रशिक्षक और जिला टीकाकरण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बाल एवं शिशु मृत्यु की समीक्षा में शाहपुर और भीमपुर की प्रगति पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने सभी मामलों का शत-प्रतिशत ऑडिट कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) से छुट्टी पाने वाले बच्चों को आगे की देखभाल संबंधी सेवाएं नहीं देने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाली एजेंसियों को हटाने और काली सूची में डालने की कार्रवाई करने तथा मोरखा केंद्र में प्रसव की संख्या शून्य होने पर संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

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