रांची , नवम्बर 01 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शनिवार को रांची के बुंडू में हुए सड़क हादसे के घायलों का हाल जानने आज रिम्स पहुंचे ।
उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी ली और घायलों के बेहतर इलाज की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की।
डॉ. अंसारी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को Rs.1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने घायलों को अपने व्यक्तिगत स्तर से आर्थिक मदद भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि "दुर्घटना में मारे गए परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी।"इसके बाद मंत्री रिम्स पहुंचे और ब्लड बैंक समेत विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया। मरीजों से बातचीत कर उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अंसारी ने रिम्स निदेशक और सुपरिंटेंडेंट को कड़ी फटकार लगाई और कहा की आपको बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, इसलिए परिणाम भी बड़े चाहिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो चाहिए - संसाधन, उपकरण, सब मैं उपलब्ध करा रहा हूँ, लेकिन बदले में चाहिए सकारात्मक नतीजे। विभाग बहुत संवेदनशील है - किसी को भी ऐसा मौका मत दो जिससे स्वास्थ्य विभाग की साख पर सवाल उठे।"डॉ अंसारी ने निर्देश दिया कि सभी वार्डों का नियमित निरीक्षण हो।मरीजों की शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए।दवा आपूर्ति और सप्लाई चेन में किसी भी गड़बड़ी को सख्ती से रोका जाए।
डॉ. अंसारी ने दो टूक कहा कि अस्पताल जनता की सेवा के लिए हैं, अधिकारियों के आरामगाह नहीं।
मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि कुछ निजी अस्पताल 4-5 लाख रुपये तक का खर्च वसूलने के बाद मरीज को रिम्स भेज देते हैं, जो गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी की ऐसे अस्पतालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। नियमावली और निगरानी तंत्र तैयार किया जा रहा है। कोई भी मरीज पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा।
डॉ. अंसारी ने घोषणा की कि सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में नवीनतम हाई-टेक उपकरणों की तत्काल खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे डायग्नोसिस और उपचार दोनों में गति और गुणवत्ता आएगी। उन्होंने कहा की झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और विश्वसनीय बनाना मेरा संकल्प है।
चाईबासा में घटी घटना को लेकर मंत्री ने कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। प्रारंभिक संकेतों में राजनीतिक साजिश की बू भी मिली है, जिसकी गहन जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।प्रारंभिक एक्शन पर्याप्त नहीं।यदि किसी ने साजिश रची है, तो उसे भी छोड़ा नहीं जाएगा।
मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा की आप ईमानदारी और निष्ठा से काम करें। किसी के दबाव में न आएं। मैं आपका गार्जियन हूँ - आपके पीछे स्वास्थ्य विभाग और मैं पूरी मजबूती से खड़ा हूँ।
रिम्स में उपस्थित सैकड़ों मरीजों और परिजनों ने कहा कि मंत्री के निरीक्षण से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार आया है, दवाइयाँ अब समय पर मिल रही हैं और सेवा बेहतर हुई है। लोगों ने मंत्री से हर 15 दिन में निरीक्षण जारी रखने का आग्रह किया, जिस पर उन्होंने कहा की "मरीजों का इलाज सुरक्षित और पारदर्शी होगा, डॉक्टरों का मनोबल ऊँचा रहेगा - यही मेरा संकल्प है।
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