रांची/जामताड़ा , अगस्त 08 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को जामताड़ा में निमिता मरांडी के 26 वर्षीय पति वीरनाथ सोरेन के आकस्मिक निधन की खबर मिलने पर मंत्री स्वयं उनके घर पहुंचे और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
वीरनाथ सोरेन के निधन के बाद उनकी पत्नी, दो छोटे बच्चों और वृद्ध माता-पिता के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने पर डॉ. इरफान अंसारी ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार और वह व्यक्तिगत रूप से परिवार के साथ खड़े हैं।
मंत्री डॉ अंसारी ने दोनों मासूम बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा करते हुए कहा, "आज से ये बच्चे मेरे भी बच्चे हैं। इनके पालन-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य की चिंता अब मेरी है। मैं इन्हें पढ़ाऊंगा-लिखाऊंगा और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ाऊंगा।"डॉ. अंसारी ने मृतक की पत्नी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार दिलाने का भी भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास होगा कि महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सके और बच्चों के साथ वृद्ध माता-पिता का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सके।
मंत्री डॉ अंसारी की इस घोषणा के बाद परिवार भावुक हो गया। निमिता मरांडी ने भावुक होकर डॉ. इरफान अंसारी से लिपटकर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह मंत्री के पास उम्मीद लेकर पहुंची थीं, लेकिन उन्होंने उम्मीद से कहीं अधिक भरोसा और सहयोग दिया है। उन्होंने इस मदद को जीवनभर याद रखने की बात कही।
इस दौरान डॉ. अंसारी ने परिवार के सबसे छोटे नौ माह के मासूम पुत्र सोनू सोरेन को गोद में उठाकर स्नेह दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया। इस भावुक दृश्य को देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
ग्रामीणों ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. इरफान अंसारी पहले भी जरूरतमंद परिवारों की मदद करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि बच्चों के भविष्य को लेकर भी एक बड़ी चिंता दूर हुई है। ग्रामीणों ने मंत्री को गरीब और असहाय लोगों के प्रति संवेदनशील जनप्रतिनिधि बताते हुए उनके मानवीय प्रयास की प्रशंसा की।
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