जयपुर , फरवरी 19 -- राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के राजकीय सैटेलाईट, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जांच एवं उपचार सुविधाओं में कमी पाये जाने पर उसकी जांच कर आवश्यक पूर्ति की जाएगी।

श्री खींवसर प्रश्नकाल विधायक प्रशान्त शर्मा के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आमेर का सैटेलाइट अस्पताल एक हेरिटेज भवन में संचालित हो रहा है। यहां जगह की कमी होने के साथ ही भवन की संरचना में किसी प्रकार का परिवर्तन भी संभव नहीं है। अस्पताल को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए विभाग द्वारा जेडीए को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। नई भूमि उपलब्ध होते ही स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इससे पहले श्री शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा से संबंधित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालयों में मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत एक्स-रे, ईसीजी, सोनोग्राफी सहित विभिन्न प्रकार की जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। इन चिकित्सालयों में मेडिसिन, ईएनटी, नेत्र, अस्थिरोग, फिजियोथेरेपी, सर्जरी, दंत, गायनिक, शिशु रोग, क्षयरोग, चर्म रोग सहित विभिन्न विभागों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध हैं। साथ ही चौबीस घंटे आपातकालीन सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिह्नित 2065 डिलीवरी प्वाइंट्स पर गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को प्रसव पूर्व, प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद 42 दिन तक सभी चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के तहत जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल एवं सैटेलाइट चिकित्सालयों में 56 प्रकार की जांचें, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 37 प्रकार की तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं डिस्पेंसरी में 15 प्रकार की जांचों का प्रावधान उपलब्ध है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित