भोपाल , जनवरी 13 -- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिया कि अस्पतालों में स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता के साथ उपयोग की सतत निगरानी की जाए।

श्री शुक्ल ने मंगलवार को यहां मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन की उपलब्धता और अधोसंरचना विकास कार्यों में आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने ब्यौहारी, बुढ़ार एवं उमरिया क्षेत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रिक्त पदों की शीघ्र भरने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने नर्सिंग शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु नर्सिंग टीचर्स के 59 राजपत्रित पदों की मांग शीघ्र लोक सेवा आयोग को अग्रेषित करने तथा सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि चिन्हांकन एवं टेंडर प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की पदोन्नति के लिए 'लोक सेवा पदोन्नति नियम' से छूट प्राप्त करने संबंधी कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से कराई जाएं।

उन्होंने प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में कार्यरत मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं भत्तों की समीक्षा करते हुए कहा कि नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों में रिक्त ट्यूटर/डिमॉन्स्ट्रेटर पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि रक्ताधान सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में एन.ए.टी. सुविधा का विस्तार किया जाए। बॉण्ड चिकित्सकों के लिए एकीकृत ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने एवं ऑनलाइन एन.ओ.सी. जारी करने की प्रक्रिया का क्रियान्वयन किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पूर्व की निवेश नीति से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। समीक्षा बैठक में चिकित्सा महाविद्यालयों में आउटसोर्स पदों की स्वीकृति के मानकों में सुधार कर स्किल्ड/सेमी-स्किल्ड कार्मिकों का प्रावधान करने हेतु प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

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