चंडीगढ़ , जनवरी 29 -- हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चलाये गये बड़े अभियानों के तहत विभाग ने पूंजीगत व्यय का 91 प्रतिशत से अधिक उपयोग हासिल किया है जो प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को दर्शाता है।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व विस्तार पर भी चर्चा की गयी। कुटैल, करनाल में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय सहित जिंद कैथल यमुनानगर सिरसा सोनीपत (खानपुर कलां) और करनाल में बन रहे छह नये सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा की गयी। अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये गये, ताकि इन संस्थानों को शीघ्र शुरू किया जा सके। नैदानिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में पांच नयी कैथेटर लैब प्रस्तावित की गयी हैं। इसके अलावा, 10 नयी एमआरआई इकाइयों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और जल्द ही सभी 23 जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध होंगी।
राज्य में 22 जिलों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिली है। वर्तमान में 17 सीटी स्कैन सुविधाएं कार्यरत हैं और चार नयी इकाइयों के लिए निविदाएं अंतिम चरण में हैं। अंबाला कैंट स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर के संचालन से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओंको और मजबूती मिली है।
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