जयपुर , अप्रैल 24 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने स्वर्णिम भारत के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरुरत बताते हुए अच्छी मनःस्थिति के साथ देश और समाज के समग्र विकास का आह्वान किया हैं।
श्री बागडे शुक्रवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उपाधियों की सार्थकता यही है कि राष्ट्र को सर्वोच्च रखते हुए सभी अपने सभी कार्य करें। दीक्षांत विद्यार्थी जीवन का नया आरम्भ है। प्राचीनकाल में गुरुकुल में गुरु शिष्य को आदर्श आचरण के लिए प्रेरित करने के लिए अंतिम शिक्षा देते थे, इसे समावर्तन संस्कार कहते थे। यही आज का दीक्षांत समारोह है।
मैकाले की देश पर लादी गई अंग्रेजी शिक्षा पद्धति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा , "इसने हमें अपने इतिहास से विलग कर दिया। नयी शिक्षा नीति 2020 भारत के महान गौरव से हमें जोड़ने वाली है।" उन्होंने राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा समस्त अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने के प्रयासों के तहत पोर्टल पर डिग्रियों को अपलोड करने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के डिजिटल अभियान की सराहना की।
श्री बागडे ने देश की नयी शिक्षा नीति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारतीयता के गौरव से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य का ज्ञान दिया। शून्य के ज्ञान से ही विश्व को गिनती आई। राज्यपाल ने कहा कि आजादी से पहले देश में आठ लाख गुरुकुल थे। अंग्रेजों ने इन्हें नष्ट करने का काम किया। वह नहीं चाहते थे कि भारतीय दृष्टिकोण की शिक्षा विकसित हो, इसलिए देश में गुलाम मानसिकता देने वाली शिक्षा पद्धति विकसित की।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने देश के घरेलू उद्योग बंद कर दिए ताकि देश के नागरिकों को भूखा मरने दिया जाए ताकि वे हमेशा के लिए गुलाम बने रहे। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति में इसलिए कौशल विकास पर जोर दिया गया है कि हम अपने साधनों से आत्मनिर्भर भारत का विकास कर सकें। इससे पहले उन्होंने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि पड़ोसी देश से नशे का व्यापार किया जाता है। पड़ोसी राष्ट्र नहीं चाहता भारत युवा देश बना रहे। नशा व्यक्ति को उम्र से पहले बूढ़ा बना देता है।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को एम्स की तर्ज पर देश का सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म के रूप में भी विकसित करने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री आरोग्य आयुष्मान योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हो रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
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