वाराणसी , अगस्त 20 -- उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की जिला इकाई, वाराणसी ने स्वर्णकार समाज एवं सर्राफा व्यवसायियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पांच सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह को सौंपा। संघ ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सितंबर में लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
संघ ने मध्य प्रदेश और पंजाब की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग की। संघ का कहना है कि बोर्ड के गठन से स्वर्णकार कारीगरों तथा इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि स्वर्णकारों और सर्राफा कारोबारियों के लिए साहूकारी लाइसेंस की व्यवस्था पुनः लागू करने की भी मांग की गई। साथ ही सर्राफा कारोबार में बड़ी धनराशि एवं स्वर्ण-रजत आभूषणों के लेनदेन को देखते हुए पात्र कारोबारियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई।
संघ ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र स्वर्णकार कारीगरों को नकद ऋण के स्थान पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप स्वर्ण एवं रजत धातु उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे कारीगरों को पारंपरिक व्यवसाय संचालित करने में सुविधा मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
श्री सेठ ने कहा कि स्वर्णकारों एवं सर्राफा कारोबारियों के साथ होने वाली लूट, चोरी, डकैती, उचक्कागिरी और हत्या जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग भी की गई। संघ ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था, घटनाओं में त्वरित कार्रवाई तथा पीड़ित व्यापारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने की मांग की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि स्वर्णकार समाज लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहा है। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सितंबर में लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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