टिहरी , अगस्त, 23 -- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल की कीर्तिनगर विकासखंड की सुमन चमोली ने योग में अपनी शिक्षा और हुनर को स्वरोजगार से जोड़कर इसकी मिसाल पेश की है।

स्वयं सहायता समूह से मिले आर्थिक सहयोग के दम पर उन्होंने योग केंद्र स्थापित किया और आज प्रतिमाह करीब 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही उन्होंने एक अन्य योग शिक्षक को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।

सुमन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। समूह से जुड़ने से पहले आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बड़े स्तर पर अपना उद्यम शुरू कर सकें। समूह से आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने अपनी योग शिक्षा को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया।

वर्ष 2024 में उन्हें प्रथम सामुदायिक ऋण (सीसीएल) के रूप में 1.50 लाख रुपये की धनराशि मिली। इस राशि से उन्होंने मढ़ी चौरास में प्रज्ज्वल योग सेंटर की नींव रखी। इसके बाद वर्ष 2025 में तीन लाख रुपये का द्वितीय सीसीएल लेकर योग केंद्र का निर्माण और विस्तार किया। समूह से मिली वित्तीय सहायता को उन्होंने अपने हुनर में निवेश कर स्थायी रोजगार का साधन विकसित किया।

एमए योग की शिक्षा प्राप्त सुमन वर्तमान में अपने केंद्र पर बेसिक से एडवांस स्तर तक योग का प्रशिक्षण दे रही हैं। वह ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक लोगों को योग प्रशिक्षण दे चुकी हैं। योग प्रशिक्षण से उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। अपने उद्यम का विस्तार करते हुए उन्होंने एक अन्य योग शिक्षक को भी रोजगार दिया है।

सुमन के अनुसार, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन और तनाव प्रबंधन में भी उपयोगी है। उनके योग केंद्र में लोगों को नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सुमन ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ रहा। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन के बिना योग केंद्र स्थापित करने का सपना पूरा करना आसान नहीं था।

उन्होंने स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार का आभार जताया।

सं उप्रेतीवार्तारविवार को मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। सुमन चमोली की सफलता इसका उदाहरण है कि वित्तीय सहायता का सही उपयोग कर महिलाएं अपने हुनर को सफल उद्यम में बदल सकती हैं।

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