नागपुर , अप्रैल 09 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि आरएसएस की नींव उसके स्वयंसेवकों के अनुशासन और निस्वार्थ सेवा की भावना पर टिकी है।
श्री भागवत स्मृति मंदिर परिसर में 'आरएसएस नागपुर महानगर घोष पाठक' के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरएसएस की असली ताकत उसके स्वयंसेवकों के अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता में निहीत है, जिनमें से कई बिना किसी पहचान या इनाम की चाह के चुपचाप अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि संगठन का संचालन प्रचार या प्रसिद्धि की चाह से नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना से होता है।
उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं तथा अपनी निस्वार्थ सेवा के माध्यम से सामाजिक कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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