कोलकाता , जून 04 -- पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आंतरिक संकट और भारी बगावत के बीच 'झूठे दोस्तों' और अवसरवादी नेताओं से सतर्क रहें।

श्री दासगुप्ता ने दलबदल की खबरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा को सतर्क रहना चाहिए और टीएमसी के कुछ वर्गों से जुड़ी तोड़फोड़ और अपराध की संस्कृति वाले लोगों को अपनी पार्टी में घुसने नहीं देना चाहिए।

उन्होंने राज्य में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर कहा कि टीएमसी के भीतर की उथल-पुथल को पार्टी के आंतरिक पतन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए जश्न मनाने के कारण के तौर पर। श्री दासगुप्ता ने कहा, "टीएमसी के भीतर की गतिविधियों को केवल एक 'फूट' के रूप में ही बताया जा सकता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए बहुत अधिक उत्साहित होने का कोई कारण नहीं है। हमें 'अच्छी तृणमूल' और 'बुरी तृणमूल' के बीच अंतर करने की जरूरत नहीं है।"श्री दासगुप्ता ने मतदाताओं द्वारा दिए गए फैसले का जिक्र करते हुए कहा, "4 मई को जब मतपेटियां खोली गईं, तो यह साफ हो गया कि लोग क्या चाहते हैं। जनादेश जबरदस्त तरीके से हमारे पक्ष में है।"भाजपा नेता ने टीएमसी से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के अब भाजपा में शामिल होने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "ये लोग हमारे दोस्त नहीं हैं। हमें इनसे दूरी बनाए रखनी चाहिए।"श्री दासगुप्ता ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि उसने जबरन वसूली के नेटवर्क और सिंडिकेट की राजनीति के जरिए काम किया। उन्होंने कहा, "मैं रोजाना जिस तरह की 'कट-मनी' संस्कृति और सिंडिकेट रैकेट देखता हूं, उससे यह साफ हो जाता है कि यह कोई असली राजनीतिक पार्टी नहीं है। यह एक आपराधिक गिरोह बन गई है।"भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पर लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि हालांकि टीएमसी के अपने ही हाथों बर्बाद होने पर उन्हें 'कोई दुख नहीं' है, फिर भी भाजपा को उन 'झूठे दोस्तों' से सावधान रहना चाहिए जो 'अपने पिछले पापों को धोना' चाहते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बंगाल का राजनीतिक शुद्धिकरण अधूरा नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

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