रायपुर , सितंबर 08 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करते हुए देश में छठा स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष 2025 में 11वें स्थान पर रहे रायपुर ने इस बार पांच पायदान की छलांग लगाई है। शहर को 200 में से 189 अंक मिले और वह टॉप-5 में जगह बनाने से महज दो अंक पीछे रह गया।
सर्वेक्षण में लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले, इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा को 192-192 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथी रैंक मिली, जबकि 191 अंकों के साथ सूरत पांचवें स्थान पर रहा।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों का आकलन वायु प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों के आधार पर किया जाता है। इसमें सड़कों की धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों एवं उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न मानकों को शामिल किया जाता है।
नगर निगम के अनुसार रायपुर में प्रतिदिन 150 किमी सड़कों की मशीनों से सफाई की जा रही है और करीब 100 किमी सड़कों पर पैच रिपेयर किया गया है। शहर में वर्तमान में 26,254 ई-वाहन और उनके लिए 30 चार्जिंग स्टेशन हैं। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 10 ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं। निगम का दावा है कि पिछले एक वर्ष में 42 हजार पौधे लगाए गए, जिनमें 91.30% पौधे जीवित हैं।
रायपुर में पीएम10 के वार्षिक औसत में पिछले तीन वर्षों के दौरान लगातार गिरावट दर्ज की गई है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 में पीएम10 का वार्षिक औसत 78 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था, जो 2023-24 में 76, 2024-25 में 75 और 2025-26 में घटकर 64 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रह गया। इस प्रकार 2022-23 की तुलना में पीएम10 में करीब 18 प्रतिशत की कमी आई है।
हालांकि, यह स्तर अभी भी निर्धारित मानक से अधिक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक के अनुसार पीएम10 का वार्षिक औसत 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक होना चाहिए। रायपुर में यह फिलहाल निर्धारित सीमा से चार माइक्रोग्राम अधिक है।
वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों में रायपुर के दो वार्डों को भी स्टेट लेवल अवॉर्ड के लिए चुना गया है। 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-46 सिविल लाइन और 10 से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-30 शंकर नगर का चयन हुआ है। दोनों वार्डों में निगम की सक्रियता और नागरिकों की जागरूकता को उपलब्धि की प्रमुख वजह बताया गया है। वहीं 10 हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में भिलाई के वार्ड-5 कोसा नगर को चुना गया है।
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