भुवनेश्वर , जून 16 -- ओडिशा सरकार ने स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सभी शहरी स्थानीय निकायों में 'गरिमा' योजना के कार्यान्वयन को तेज कर दिया है।

आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा लागू की जा रही इस पहल का उद्देश्य असुरक्षित एवं जोखिमयुक्त हाथों से मैला ढोने की प्रथाओं को खत्म करना, मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं को बढ़ावा देना और स्वच्छता कर्मचारियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना है। ये कर्मचारी शहरी स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस नयी पहल के हिस्से के रूप में, विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों को कल्याण और सुरक्षा उपायों के दायरे में लाने के लिए मुख्य स्वच्छता कर्मचारियों की सार्वभौमिक पहचान और उनके पंजीकरण का एक अभियान शुरू किया है।

हाथों से मैला ढोने और खतरनाक कचरे के प्रबंधन से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए, राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों को उन्नत मैकेनिकल सफाई प्रणालियों और आधुनिक स्वच्छता तकनीकों से लैस किया जा रहा है। इसके साथ ही, काम के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उपयोग को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने इस पहल पर कहा कि गरिमा योजना हर स्वच्छता कर्मचारी के लिए सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों को शहरी जीवन का अग्रिम पंक्ति का योगदानकर्ता बताया और कहा कि वे गुमनाम नायक हैं जो शहरों को साफ और स्वस्थ रखते हैं।

श्री महापात्र ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी कर्मचारी को जोखिमभरे और असुरक्षित हाथों से किए जाने वाले काम में नहीं धकेला जाना चाहिए तथा हर स्वच्छता कर्मचारी और उनके परिवार को आवास, स्वास्थ्य देखभाल, बीमा और अन्य कल्याणकारी लाभ मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि गरिमा योजना के माध्यम से सरकार एक आधुनिक, मशीनीकृत और मानवीय तंत्र बनाना चाहती है, जहां हर कर्मचारी के साथ सम्मान और अच्छा व्यवहार किया जाये।

कार्यस्थल की सुरक्षा से आगे बढ़ते हुए, यह योजना स्वच्छता कर्मचारियों और उनके परिवारों के दीर्घकालिक कल्याण में सुधार के लिए एक एकीकृत सामाजिक सुरक्षा ढांचा प्रदान करती है। स्थायी आवास तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से जोड़ा जा रहा है। यह पहल आर्थिक कमजोरियों को कम करने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सहायता, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य बीमा कवरेज का भी समर्थन करती है।

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